श्रावणी मेला

श्रावणी मेला

बाबा बैद्यनाथधाम की सबसे वृहद आयोजनों मे शीर्ष पर श्रावणी मेला का नाम आता है, इस अकेले महीने मे देश विदेश से लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं का आगमन होता है।

श्रावण के महीने मे बैद्यनाथधाम की महत्ता कई गुण बढ़ जाती है, श्रद्धालु सर्वप्रथम बैद्यनाथधाम से 105 की. मी. उत्तर मे सुलतानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा का जल दो पात्रों मे ले इसे काँवर का रूप दे नंगे पाँव बाबाधाम के लिए प्रस्थान करते है, दुरूह पर्वतों और जंगलों को पार करते हुए वे बैद्यनाथधाम पहुँच सर्वप्रथम पवित्र शिवगंगा सरोवर मे स्नान कर बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का सुल्तानगंज से लाए गंगाजल से अभिषेक करते हैं, तत्पश्चात वे बाबा बसुकीनाथ के अभिषेक करने को अग्रसर होते हैं।

दुसह्य काँवर यात्रा के लिए मन मे भक्ति से साथ-साथ शारीरिक क्षमताओं का होना भी बहुत जरूरी है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेता युग में सर्व प्रथम भगवान श्री राम ने सुलतानगंज से जल ले कर बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया था ।

मान्यता है की काँवर यात्रा से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल की प्राप्ति होती है, सभी पापों से मुक्ति मिलती है, मनोरथ सिद्ध होते हैं तथा सम्पूर्ण जीवन सुखमय हो जाता है।

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